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प्रभु श्री राम के दर्शन से पहले यहाँ हनुमान जी की आज्ञा लेना अनिवार्य माना जाता है।
यहाँ हनुमान जी की दाढ़ी और मूंछ वाली प्रतिमा स्थापित है, जो पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
यह मंदिर संकट मोचन और ऊपरी बाधाओं से मुक्ति के लिए जाना जाता है।
इसकी स्थापना गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी। यह अत्यंत प्राचीन मंदिर है।
संगम के तट पर स्थित एकमात्र मंदिर जहाँ हनुमान जी की लेटी हुई विशाल प्रतिमा है।
यहाँ हनुमान जी के चरणों में शनि देव स्त्री रूप में विराजमान हैं।
पहाड़ों की चोटी पर स्थित यहाँ हनुमान जी की 108 फीट ऊँची विशाल प्रतिमा है।
यहाँ हनुमान जी की प्रतिमा खुले आसमान के नीचे है और 18 फीट ऊँची है।
दक्षिण भारत का एक अत्यंत प्राचीन और शक्तिशाली हनुमान मंदिर।
महाभारत काल का माना जाने वाला यह मंदिर दिल्ली के हृदय में स्थित है।
जहाँ हनुमान जी का पंचमुखी अवतार साक्षात विराजा है।
यहाँ पहाड़ों से जल की एक धारा हनुमान जी पर निरंतर गिरती रहती है।
महाभारत की ऐतिहासिक भूमि पर स्थित एक भव्य मंदिर।
एक प्राचीन किले के ऊपर स्थित अद्भुत और शक्तिशाली मंदिर।
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