पंचमुखी हनुमान का परिचय
पंचमुखी हनुमान (Panchamukha Anjaneya) भगवान हनुमान का वह अद्वितीय और दुर्लभ स्वरूप है जिसमें उनके पाँच मुख एक साथ प्रकट होते हैं। संस्कृत में 'पञ्चमुख' का अर्थ है — पाँच मुख। यह स्वरूप हिन्दू धर्म में सबसे शक्तिशाली और सुरक्षात्मक अवतारों में गिना जाता है।
पंचमुखी हनुमान के ये पाँचों मुख पाँचों दिशाओं को नियंत्रित करते हैं — पूर्व, दक्षिण, पश्चिम, उत्तर और ऊर्ध्व (ऊपर)। साथ ही ये पाँचों मुख पाँच तत्वों — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश — के प्रतीक भी हैं। इस रूप का वर्णन तांत्रिक ग्रंथ हनुमत् रहस्यम् में मिलता है।
— हनुमान जी का वचन (आर्ट ऑफ लिविंग से)